दुबे परिवार - श्री विष्णु गजाधर गयाजी के पण्डा
गया जी हिन्दू धर्म में पितरों की मुक्ति व मोक्ष प्राप्ति का सबसे पवित्र तीर्थ स्थल माना जाता है। इसी पवित्र भूमि पर "दुबे भवन, पंचमहल्ला, गयाधाम" से हमारा परिवार श्री विष्णु गजाधर गया जी के पण्डा के रूप में यजमानों की सेवा करता आ रहा है।
आने से पहले फोन द्वारा अवश्य संपर्क करें, तथा रास्ते व स्टेशन पर मौजूद दलालों से सावधान रहें - हमारा परिवार सीधे संपर्क में ही विश्वास रखता है।
पंचमहल्ला, गयाधाम
सेवा की परंपरा
गयाजी स्थित विष्णुपद मंदिर में भगवान विष्णु के पावन चरणचिह्न सुशोभित हैं। मान्यता है कि यहाँ स्थित विष्णु चरण की पूजा व पिंड दान करने से पितरों को मोक्ष व सद्गति की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार गयासुर नामक भक्त को भगवान विष्णु ने यह वरदान दिया था कि जो कोई भी उसके शरीर रूपी इस भूमि पर श्राद्ध कर्म करेगा, उसके पितरों को अवश्य मोक्ष प्राप्त होगा - इसी कारण गया जी को "मोक्ष-भूमि" कहा जाता है।
इसी पावन भूमि पर, फल्गु नदी के तट पर दुबे परिवार पीढ़ियों से यजमानों को शास्त्रोक्त विधि से पिंड दान व श्राद्ध कर्म सम्पन्न करवा रहा है। फल्गु नदी को स्वयं एक तीर्थ माना गया है, तथा निकट स्थित अक्षयवट वृक्ष के नीचे पिंड दान करना अक्षय (अविनाशी) फल देने वाला माना जाता है।
दुबे भवन से पैदल दूरी पर स्थित
पंडित गोकुल दुबे यजमान परिवारों को गयाजी में पिंड दान, तर्पण, श्राद्ध एवं अन्य धार्मिक कर्मकांडों के दौरान आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक यजमान परिवार अपनी धार्मिक परंपरा और श्रद्धा के अनुसार कर्मकांड को उचित विधि से सम्पन्न कर सके।
पिंड दान, तर्पण एवं श्राद्ध कर्म से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों में व्यक्तिगत अनुभव और यजमानों को आवश्यक मार्गदर्शन।
दुबे परिवार की पुरोहित परंपरा से जुड़ी सेवा, जिसमें गयाजी आने वाले यजमान परिवारों को धार्मिक कर्मकांड में सहयोग प्रदान किया जाता है।
धार्मिक परंपराओं एवं मान्यताओं के अनुसार पिंड दान, तर्पण, श्राद्ध और अन्य कर्मकांड उचित विधि-विधान से सम्पन्न कराने का प्रयास।
पूजा की विधि, आवश्यक सामग्री, पूजा स्थल और संपूर्ण प्रक्रिया के संबंध में यजमान परिवारों को स्पष्ट एवं आवश्यक जानकारी।
दुबे परिवार द्वारा प्रत्येक श्राद्ध कर्म, पिंड दान व तर्पण वेद-पुराणों में वर्णित शुद्ध विधि से सम्पन्न करवाया जाता है। ब्राह्मण भोज, संकल्प व पूर्णाहुति तक हर चरण में यजमान परिवार का पूरा साथ दिया जाता है, ताकि पितरों को सच्ची श्रद्धांजलि व मोक्ष प्राप्त हो।
सभी सेवाएं देखें
वेद-पुराणों के अनुसार सम्पूर्ण कर्मकांड प्रामाणिक विधि से।
आने से पूर्व फोन पर पूरी जानकारी व मार्गदर्शन उपलब्ध।
सीधा संपर्क, स्टेशन व रास्ते के दलालों से कोई सम्बन्ध नहीं।
दुबे भवन में ही यजमान परिवारों के ठहरने की सुविधा उपलब्ध।
आने से पहले फोन द्वारा अवश्य संपर्क करें। रास्ते व स्टेशन पर दलालों से सावधान रहें।